google-site-verification=OrvyYHNpisAswr3Idvj9dHHFWBmG8fiBDQ5zN3jFpNQ डेंगू बीमारी के लक्षण और बचाव -

newsduniya11

डेंगू बीमारी चार वायरसों के कारण होता है, जो इस प्रकार हैं डीईएनवी1, डीईएनवी2, डीईएनवी3 और डीईएनवी4 जब यह पहले से संक्रमित व्यक्ति को काटता है तो वायरस मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है। और बीमारी तब फैलती है जब वह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, और वायरस व्यक्ति के ब्लड सुरकुलेसोन के जरिये फैलता है।

एक बार जब कोई व्यक्ति डेंगू बुखार से उबर जाता है, तो वह विशिष्ट वायरस से प्रतिरक्षित होता है, लेकिन अन्य तीन प्रकार के वायरस से नहीं। यदि आप दूसरी, तीसरी या चौथी बार संक्रमित होते हैं तो गंभीर डेंगू बुखार, जिसे डेंगू रक्तस्रावी बुखार के रूप में भी जाना जाता है, के विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।

 

डेंगू के लक्षण

आमतौर पर डेंगू बुखार के लक्षणों में एक साधारण बुखार होता है और युवाओ एवं बच्चों में इसकी पहचान आसानी से नहीं की जा सकती। डेंगू होने पर 104 फारेनहाइट डिग्री का बुखार होता है, जिसके साथ साथ इनमें से कम से कम दो लक्षण होते हैं:

सिर दर्द

मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द

जी मिचलाना

उल्टी लगना

आंखों के पीछे दर्द

ग्रंथियों में सूजन

त्वचा पर लाल चकत्ते होना

तीन प्रकार के बुखार होते हैं, जिनसे व्यक्ति को खतरा होता है, जो इस प्रकार हैं हल्का डेंगू बुखार, डेंगू रक्तस्रावी बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम।

हल्का डेंगू बुखारइसके लक्षण मच्छर के दंश के एक हफ्ते बाद देखने को मिलते हैं और इसमें गंभीर या घातक जटिलताएं शामिल हैं।

डेंगू रक्तस्रावी बुखारलक्षण हल्के होते हैं, लेकिन धीरेधीरे कुछ दिनों में गंभीर हो सकते हैं।

डेंगू शॉक सिंड्रोमयह डेंगू का एक गंभीर रूप है और यहां तक कि यह मौत का कारण भी बन सकता है।

 

डेंगू से बचाव

डेंगू बुखार का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, क्योंकि डेंगू एक वायरस है। यथासमय देखभाल से मदद मिल सकती है, जो कि इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी कितनी गंभीर है। डेंगू बुखार के कुछ बुनियादी उपचार निम्नलिखित हैं :

औषधि : इस बीमारी मे पैरासिटामोल जैसी दर्द निवारक दवाएं आमतौर पर रोगियों को दी जाती हैं। गंभीर डिहाइड्रेशन के मामले में कभीकभी आईवी ड्रिप्स प्रदान की जाती है।

हाडेंगूइड्रेटेड रहें : यह महत्वपूर्ण है, इस बीमारी मे हम अपने शरीर को hydrated रखे क्यू की बुखार की वजह से उलतिया भी होती है जिससे शरीर मे पानी की मात्र मे कमी आती है। इसलिए इस बीमारी मे आप खूब तरल पदार्थ ले और अच्छा आराम करे

स्वच्छता : स्वच्छता का अत्यधिक महत्व है, अपने घर के आस पास कुरा जमा होने दे अपने नहाने के पानी मे भी डेटॉल का इस्तेमाल करे। अपने कपरो को भी डेटॉल पानी मे धोये स्वच्छता भी इस रोग को फैलने से रोग सकती है।

 

By नवीन

मै नवीन राई हिंदी ब्लॉग साइट न्यूज़दुनिया11 मे आपका स्वागत करता हु।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *