google-site-verification=OrvyYHNpisAswr3Idvj9dHHFWBmG8fiBDQ5zN3jFpNQ SDM ज्‍योत‍ि मौर्या केस में बारी बात सामने निकाल कर आयी है, बारात‍ियों की जुबानी, जानें शादी के Viral कार्ड की पूरी कहानी -

SDM ज्‍योत‍ि मौर्या केस में बारी बात सामने निकाल कर आयी है, बारात‍ियों की जुबानी, जानें शादी के Viral कार्ड की पूरी कहानी


उत्तर प्रदेश की महिला PCS अधिकारी ज्योति मौर्या और पति आलोक मौर्या का विवाद लगातार गहराता जा रहा है. सोशल मीडिया पर तमाम तरह के पोस्ट और मीम्स वायरल हो रहे हैं. इस बीच आलोक मौर्य और ज्योति मौर्या की 2010 में हुई शादी का कार्ड भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. जिसके बाद ज्योति मौर्या के पिता ने दामाद अलोक मौर्या और उसके परिवार को झूठा और धोखेबाज बताया था. लेकिन अब उस शादी में जाने वाले बारातियों ने वायरल शादी के कार्ड की सच्चाई बताई है.

गांव के कई लोगों से बातचीत की गयी जो की आलोक मौर्या के बारात में गए थे. इन लोगों ने बचपन से आलोक और उसके परिवार को देखा है. लोगों का कहना है कि दहेज और झूठ बोल कर शादी करने का आरोप ज्‍योत‍ि मौर्य के द्वारा लगाए गए हैं. वह बेबुनियाद हैं. 2010 में शादी हुई और फिर 2016 में ज्योति एसडीएम बनीं. उसके बाद से सब कुछ ठीक था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से यह विवाद लगातार गहराता जा रहा है. जहां तक आरोप है कि आलोक मौर्य ने झूठ बोलकर अपने आपको ग्राम पंचायत अधिकारी बताकर शादी की है, तो यह बेबुनियाद है. जब ज्योति के पिता यहां गांव में आए थे तब उस दौरान भी वह पूछ सकते थे. गांववालों से उन्हें सच्चाई मिल जाती. दूसरी तरफ जो कार्ड वायरल हुआ है शादी का वैसा कार्ड उनके घर पर शादी में नहीं आया था.

दुर्गा प्रसाद अस्थाना आलोक मौर्या के गांव के ही रहने वाले हैं और इनका दावा है कि आलोक और ज्योति का परिवार पहले से ही एक दूसरे को जानता था, क्योंकि आलोक मौर्या के चाचा राम झूराली मौर्या ज्योति मौर्या के गांव में ही तैनात था. दोनों परिवार एक दूसरे को पहले से जानते थे. लिहाजा यह सवाल ही नहीं उठता है कि वह सफाई कर्मचारी था या फिर ग्राम पंचायत अधिकारी. क्योंकि पहले से ही यह बात सबको मालूम थी कि आलोक मौर्या सफाई कर्मचारी है. आलोक मौर्या के चाचा राम झूराली मौर्य ज्योति मौर्य के गांव के थाने पर बतौर दरोगा तैनात थे.

गौरतलब है कि शादी का कार्ड वायरल होने के बाद ज्योति मौर्या के पिता पारसनाथ ने पहली बार विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कार्ड को सही बताते हुए कहा था कि आलोक मौर्या ने ही कार्ड पर अपने नाम के सामने ग्राम पंचायत अधिकारी लिखवाया था. उन्होंने कहा कि आलोक ही नहीं उनका परिवार झूठा है और धोखेबाज है. इस पर आलोक मौर्या ने कहा था कि शादी का कार्ड फर्जी है. ऐसा कार्ड कोई भी छपवाया जा सकता है. कार्ड में ज्योति मौर्या के सामने अध्यापक लिखा हुआ है, जबकि ज्योति ने उस वक्त सिर्फ ग्रेजुएशन किया था.